रातानाडा क्षेत्र में निगम ने चलाया विशेष सफाई अभियान दुकानदारों से किया जुर्माना वसूल,निगम ने घंटाघर में हटाया अतिक्रमण

रातानाडा क्षेत्र में निगम ने चलाया विशेष सफाई अभियान
दुकानदारों से किया जुर्माना वसूल
जोधपुर,22 अगस्त। नगरनिगम की ओर से हर रविवार को चलाए जाने वाले विशेष सफाई अभियान के तहत इस रविवार को सुबह रातानाडा और एयरफोर्स क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। निगम आयुक्त हरिसिंह राठौड ने बताया कि रविवार को निगम के अधिकारी और कर्मचारी स्थानीय स्वंयसेवी संस्थाओं ओर आमजन के साथ मिलकर विशेष सफाई अभियान चलाते है इसी कडी में इस रविवार को रातानाडा, एयरफोर्स और आस पास के क्षेत्रों मे सुबह विशेष अभियान चलाया गया इस अभियान के तहत निगम कर्मचारियों की सारी टीम जुटेगी और वहां जमा कचरे के ढेरो, नालों और सडकों की सफाई की गई।
दुकानदारों से वसूली जुर्माना राशि
रातानाडा और एयरफोर्स क्षेत्र में चलाए गए सफाई अभियान के दौरान दुकानों मे कचरा पात्र नही रखने और सडकों पर गंदगी करने वाले दुकानदारों से जुर्माना वसूल किया गया। निगम आयुक्त हरिसिंह राठौड ने बताया कि दुकानदारों से करीब साढे आठ हजार रूपये की जुर्माना राशि वसूल की गई है। राठौड नें आमजन से अपील की है कि वह निगम की ओर से शुरू किए गए क्लीन जोधपुर ग्रीन जोधपुर की मुहिम का हिस्सा बने और सडकों पर कचरा नही डाले साथ ही न तो अतिक्रमण करे और न ही अपने आस पास किसी को अतिक्रमण करने दे।

निगम ने घंटाघर में हटाया अतिक्रमण
घंटाघर को हेरिटेज लुक प्रदान करने के लिए एक तरफ नगर निगम प्रशासन जी- तोड़ प्रयास कर रहा है, वहीं ठेला चालक व दुकानदार अतिक्रमण करने पर आमादा हो रखे है। बार बार समझाइश के उपरांत भी ठेला चालक व दुकानदार तय सीमा से बाहर आकर अतिक्रमण को बढ़ावा दे रहे है। नगर निगम ने रविवार को घंटाघर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की फिर कार्रवाई की। ठेला चालक व दुकानदारों ने निगम अफसरों से उलझने का प्रयास किया लेकिन निगम ने सख्त रवैया अपनाते हुए दुकानों के बाहर रखे सामान को जब्त कर लिया। निगम की ओर से अतिक्रमण को चिन्हित कर मार्किंग की गई। रविवार को निगम अधिकारियों ने पहले उनसे समझाइश की गई, मगर ठेला चालक व दुकानदार जब नही माने तो निगम अफसरों उनका सामान जब्त कर लिया। निगम आयुक्त हरिसिंह राठौड ने बताया कि माननीय न्यायालय के आदेशानुसार घंटाघर को नो ठैला जोन और अतिक्रमण मुक्त क्षेत्र घोषित किय हुआ है और इसके बावजूद यदि व्यापारी निगम का सहयोग नही करेगें तो निगम को मजबूरन कडी कार्यवाही करनी पडेगी।