मुख्यमंत्री ने किया नए इसरो कॅाम्पलैक्स का शिलान्यास , इसरो को कॅालेजों व स्कूलों से जोड़ने की अब प्रमुख जरूरत-मुख्यमंत्री

8जोधपुर, 13 जून। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने कहा है कि इसरों विकास के सभी आयामों से जुड़ा हुआ है और इसे अब कॅालेजों, स्कूलों व आई टी आई से जोड़ने की प्रमुख जरूरत हो गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भू अभिलेख का अपग्रेडेशन कर रही है और तीन साल में ऐसी परिस्थिति ले आएंगे जिससे किसान व ग्रामीण दुःखी नहीं होंगे और उनको पूरी सुविधा मिल जाएगी।

मुख्यमंत्री शनिवार को जोधपुर के कुड़ी भगतासनी हाऊसिंग बोर्ड में 8.5 एकड़ में बनने वाले नए इसरो कॅाम्पलैक्स का शिलान्यास करने के बाद आयोजित समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थी। मुख्यमंत्री ने मंत्रोच्चार के साथ शिलापूजन कर नाम पट्टिका का अनावरण किया। श्रीमती राजे ने कहा कि स्कूलो व कॅालेजों में इसरों को जोड़ने में जो भी जरूरत होगी तो संासदों, विधायकों के साथ राज्य सरकार और मैं स्वयं हर तरह से सहयोग करेंगे। प्रदेश में इसकी क्रियान्विति करने पर एक साल के काम को दो माह में कर सकेंगे। उन्होंने आई टी आई को इसरो से जोड़ने के लिए उनको पाठ्यक्रम के माध्यम से बताया जाए ताकि उच्च तकनीक के युग में युवाओं को पूरा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि हम नेप्रो के साथ डायलासिस की ट्रेनिंग दे रहे है। राज्य के जिलों, आई टी आई एवं हॅास्पीटल्स में टेलीमेडिसिन की ट्रेनिंग शुरू कर दे तो तकनीकी क्षेत्र में हम आगे बढ़ सकते है। उन्होंने कहा कि इसरो एक ऐसा टूल है जिसे लोगों को परीचित करना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैने स्वयं ने चार साल स्पेस विभाग में कार्य किया। जो योगदान इनका हुआ है वो दुनिया में एक काबिल देश की पहचान के साथ विश्व में उभारने का इस विभाग ने कार्य किया। प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्रीत्व कार्यकाल में मंत्री के रूप में स्पेस विभाग में काम करने का अवसर मिला। सब मिलजुल कर कार्य करते है और इसरो ने मैपिंग, वर्षा, नए अनुसंधान जैसे कार्यो से देश का हुलिया बदल दिया। उन्होंने कहा कि मैने भी कार्य करके 23 जिलों की तस्वीर निकालकर बनाकर दिए थे। उन्होंने कहा कि इसरो का फायदा केवल जोधपुर ही नहीं पूरे देश को मिलेगा। आने वाले समय में काम करेंगे और प्रदेश को समर्पित करेंगें जिससे गांव-गांव को फायदा मिलेगा।

स्पेस कमीशन तथा इसरो के चेयरमेन ए एस किरण कुमार ने अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में कहा कि ऊपरी और मध्य वायुमण्डलीय विज्ञान, सुदूर संवेदन द्वारा जलवायु अध्ययन तथा गृहीय विज्ञान के बारे में जानकारियंा दी और कहा कि देश में पानी की उपलब्धता पर वाटरशैड तथा पंचायतों के विकास के बारे में कार्य किया जा रहा है।

इसरो के मुख्य महाप्रबंधक जे आर शर्मा ने स्वागत भाषण में कहा कि 28 वर्ष पूर्व स्थापित चार क्षेत्रीय सुदूर संवेदन केन्द्र में से एक जोधपुर में वर्ष 1987 में काजरी में स्थापित किया गया। इस केन्द्र में 2800 परियोजनाओं पर कार्य किया गया तथा 200 राज्य व केन्द्र सरकार और अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं को सेवाऐं दी गई। उन्होंने इस नए काम्पलैक्स में जल संसाधन, पंचायतों तथा चार वृहद परिसरों में कार्य किया जाएगा। इसरो क्षमता विकास, प्रशिक्षण, अनुसंधान, सोलर, वाटर हार्वेसिंटग, प्रोसेस प्लानिंग मैनेजमेंट आदि सहित अनुसंधान के कार्य हांेगे।

समारोह में संासद गजेन्द्रसिंह शेखावत ने भी अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि स्पेस विभाग ने विश्व में अपनी पहचान कायम की है। इस अवसर पर राजस्व मंत्री अमराराम, विधि राज्य मंत्री अर्जुनलाल गर्ग, पाली के संासद पी पी चैधरी, राज्यसभा सदस्य नारायणलाल पंचारिया व रामनारायण डूडी, विधायक सूर्यकंाता व्यास, जोगाराम पटेल, बाबूसिंह राठौड, कैलाश भंसाली, हमीरसिंह, केन्द्रीय ऊन बोर्ड के अध्यक्ष जसवंतसिंह विश्नोई, महापौर घनश्याम ओझा उपस्थित थे। प्रारंभ में मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्जवलित किया। इस अवसर पर उनको स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। डा0 दिवाकर ने आभार व्यक्त किया।