महिला कांस्टेबल आत्महत्या प्रकरण

महिला कांस्टेबल आत्महत्या प्रकरण
जोधपुर। अपने ही सहकर्मियों के यौन शोषण की शिकार महिला कांस्टेबल के आत्महत्या प्रकरण में आज तीसरे दिन भी दोपहर तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो पाई। पुलिस ने मृतका के सुसाइड नोट को विश्लेषण के लिए हैण्ड राइटिंग विशेषज्ञ के पास भिजवाया है। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी नहीं आई है। जांच के लिए विसरा रिजर्व किया गया है।
पुलिस ने बताया कि पुलिस लाइन में तैनात महिला कांस्टेबल शोभा (29) पत्नी सुरेन्द्रसिंह बनाड़ क्षेत्र में केंट के पास गैस गोदाम के सामने रहती थी। बुधवार को दोपहर मेें उसने कीटनाशक की गोलियां खा ली। इससे उसकी तबीयत खराब हो गई और वो उल्टियां करने लगी। उसने अपनी बुआ नैनी को फोन करके जहर खाने की जानकारी दी। नैनी भी कांस्टेबल है। वह तुरन्त शोभा के घर पहुंची तथा गम्भीर हालत में शोभा को महात्मा गांधी अस्पताल की आपातकालीन इकाई लेकर गई जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। शव मोर्चरी में रखवाया गया था जहां आज मण्डोर पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया।
मृतका के भाई बिलाड़ा निवासी नीतेश पुत्र भानाराम जाट ने पुलिस कांस्टेबल महावीरसिंह व मुकुट बिहारी, महावीर की मां व भाई, मृतका के पति सुरेन्द्र सिंह जाट और सास-ससुर के खिलाफ मण्डोर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है। रिपोर्ट में बताया कि उसकी बहन शोभा को शादी के बाद से ही उसका पति, सास-ससुर आदि दहेज के लिए प्रताडि़त करते थे। उसकी बहन के एक पुत्री नीता भी हुई जो अभी तीन साल की है। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर उन लोगों ने मां-बेटी को घर से बाहर निकाल दिया था। हालांकि पांच-छह माह पूर्व सामाजिक स्तर पर समझौता कर बहन को वापस भेजा गया लेकिन उनका रवैया नहीं बदला। वहीं नीतेश ने रिपोर्ट में बताया कि सिपाही मुकुट बिहारी मीणा ने उसकी बहन के साथ दुष्कर्म किया था इसको लेकर भी वह तनाव में रहती थी। इसके बाद मण्डोर एसीपी के गनमैन भावी निवासी महावीरसिंह सारण ने भी उसे शादी का झांसा देकर यौन शोषण किया। महावीरसिंह का भाई व मां भी उसकी बहन को जान से मारने की धमकियां दे रहे थे। मृतका के भाई ने आरोप लगाया है कि ये लोग उसकी बहन के ससुराल वालों से मिले हुए थे। पुलिस ने भाई की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।