डॉक्टर बोले-नहीं चलेगी कलेक्टर की दादागिरी

डॉक्टर बोले-नहीं चलेगी कलेक्टर की दादागिरी
जोधपुर। चिकित्सा विभाग में जिला कलेक्टर के बढ़ते हस्तक्षेप से खफा होकर जिले के डॉक्टर उनके खिलाफ लामबंद हो गए है। ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य केन्द्रों पर डाक्टरों के नहीं मिलने की बढ़ती शिकायतों के बाद कलेक्टर के निर्देश पर सीएमएचओ ने आदेश जारी कर दिया कि सभी डाक्टर उपखंड अधिकारी से अनुमति लेकर ही अवकाश पर जा सकेंगे। इसके विरोध में डॉक्टरों ने आज सीएमएचओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। बाद में उन्होंने सांसद व विधायक से भी मुलाकात कर अपना विरोध जताया।
जिले में एक उपखंड अधिकारी ने एक स्वास्थ्य केन्द्र का दौरा किया तो पता चला कि वहां पर एक वर्ष से डाक्टर नदारद है। उपखंड अधिकारी की इस रिपोर्ट पर जिला कलेक्टर डॉ. प्रीतम बी यशवंत ने सीएमएचओ से जवाब तलब किया। इस पर पता चला कि भोजासर का यह डॉक्टर आगे पढ़ाई करने के लिए एक वर्ष के अवकाश पर है। इसी तरह एक और स्वास्थ्य केन्द्र की महिला डॉक्टर एक सरकारी शिविर में भाग लेने गई। पीछे हुई जांच में उसे नदारद पाकर नोटिस जारी कर दिया गया। जिले में डॉक्टरों के गायब होने की सूचना के बाद कलेक्टर के निर्देश पर सीएमएचओ ने मंगलवार को आदेश निकाल दिया कि सभी डॉक्टर उपखंड अधिकारी से अनुमति लेकर ही अवकाश पर जाएंगे। इस आदेश को लेकर जिले के डॉक्टरों में नाराजगी है। उनका कहना है कि उनके सेवा नियमों में इस तरह के नियम का कहीं पर प्रावधान ही नहीं है। इस कारण वे जिला कलेक्टर का आदेश मानने को बाध्य नहीं है। बाद में सभी डॉक्टरों ने सांसद गजेन्द्र सिंह शेखावत व सूरसागर विधायक सूर्यकांता व्यास से मुलाकात कर कलेक्टर के बढ़ते हस्तक्षेप पर नाराजगी जताई और कहा कि कलेक्टर की दादागिरी स्वीकार्य नहीं है।