ट्रेनों में नहीं होगी चेन पुलिंग, नए डिब्बों में होंगे ड्राइवरों के नंबर

download (2)नई दिल्ली. जल्द ही ट्रेन के कोच में आपको चेन पुलिंग की सुविधा नहीं मिलेगी। बेवजह चेन पुलिंग और इससे ट्रेनों में होने वाली देरी से तंग आकर रेल मंत्रालय ने चेन पुलिंग के ऑप्शन के रूप में एक हेल्पलाइन जारी करने की बात कही है। चेन पुलिंग की वजह से रेलवे को हर साल करीब 3 हजार करोड़ का घाटा होता है।
कोच में लिखा जा रहा है मोबाइल नंबर
यूपी के बरेली स्थित कोच फैक्ट्री में रेलवे कोच से चेन निकालने का काम शुरू हो चुका है। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल डिब्बों में ट्रेन के ड्राइवर और असिस्टेंट ड्राइवर के एक-एक मोबाइल नंबर लिखे जाएंगे। यात्री इमरजेंसी की स्थिति में इस नंबर पर कॉल कर ट्रेन रुकवा सकते हैं।
पुराने डिब्बों से निकाला जा रहा चेन सिस्टम
नॉर्थ ईस्ट रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि पूरे देश की रेलवे कोच फैक्ट्रियों में बनने वाले नए कोच में पुराना चेन पुलिंग सिस्टम लगाना बंद कर दिया गया है। रेलवे बोर्ड की ओर से आदेश मिलने के बाद मेंटेनेंस के लिए आने वाले पुराने डिब्बों से भी चेन सिस्टम को निकाला जा रहा है।
यात्रियों की चेन पुलिंग से लेट होती हैं ट्रेन
रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि चेन पुलिंग सिस्टम का इमरजेंसी से ज्यादा रेलवे स्टेशनों के आसपास उतरने-चढ़ने के लिए इस्तेमाल होता है। इससे ट्रेन लेट होती हैं और रेलवे को आर्थिक घाटा होता है।
यूपी-बिहार में चेन पुलिंग की समस्या ज्यादा
रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने हाल में अपने यूपी दौरे पर कहा था कि बिहार और यूपी में ट्रेनों की चेन पुलिंग गंभीर समस्या है। वहीं, इज्जत नगर रेलवे के डीआरएम चंद्र मोहन जिंदल का कहना है कि ट्रेनों के लेट होने का सबसे बड़ा कारण चेन पुलिंग है। बिहार, यूपी, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में ज्यादा चेन पुलिंग होती है।

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