जेल में ही रहेगा आसाराम, रेप केस में आसाराम, शिल्पी और शरत दोषी करार, दो आरोपी बरी

जोधपुर: नाबालिग से रेप केस में आसाराम को जोधपुर कोर्ट ने दोषी करार दिया है। कोर्ट ने आसाराम समेत सभी 5 आरोपियों को दोषी करार दिया है। रेप केस में आज जोधपुर की सेंट्रल जेल में कार्यवाही हुई जिसके बाद जज मधुसूदन शर्मा ने यह फैसला सुनाया। बता दें कि सुरक्षा कारणों के चलते अदालत जोधपुर की सेंट्रल जेल में ही लगी और जज मधुसूदन शर्मा कोर्ट रूम में मौजूद हैं। आसाराम पर शाहजहांपुर की नाबालिग से जोधपुर के आश्रम में रेप का आरोप है। उनपर POCSO समेत रेप की संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज है। आसाराम पर फैसले को लेकर जोधपुर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।

साढ़े चार साल से जोधपुर जेल में बंद अासाराम के खिलाफ अपनी ही शिष्या से दुष्कर्म करने का अारोप था। ​पॉक्सो एक्ट के तहत ये पहला बड़ा फैसला है। केस के फैक्ट से लगता है कि आसाराम को कम से कम 10 साल की सजा हो सकती है, प्रावधान उम्रकैद तक का है। फैसले को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राजस्थान, गुजरात और हरियाणा को हिदायत दी है कि किसी भी सूरत में हिंसा नहीं होनी चाहिए। इन राज्यों में आसाराम के अनुयायी काफी संख्या में हैं।

चार महिलाओं समेत अब तक आठ समर्थक गिरफ्तार। चार महिला और दो पुरुषों को जोधपुर रेलवे स्टेशन पर पकड़ा गया। एक व्यक्ति को आसाराम के पाल स्थित आश्रम के बाहर से और एक व्यक्ति को जेल के बाहर से पकड़ा गया।

तो होगी 10 साल की सजा
– मामले की धीमी सुनवाई के लिए पिछले साल अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को फटकार भी लगाई थी। अब बुधवार को अगर आसाराम दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें कम से कम 10 साल की सजा हो सकती है।

– अबतक कुल 12 बार आसाराम की जमानत अर्जी ट्रायल कोर्ट, राजस्थान हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज की जा चुकी है।

बाप-बेटे दोनों पर गंभीर आरोप
– आसाराम को जोधपुर केस में गिरफ्तार कर लिया गया था, उसके दो महीने बाद ही गुजरात के सूरत की दो बहनों ने आसाराम और उनके बेटे पर बलात्कार का आरोप लगाया था। बड़ी बहन की शिकायत के मुताबिक, आसाराम ने 2001 से 2006 के बीच कई बार उनका यौन शोषण किया था, छोटी बहन ने नारायण साईं पर रेप का आरोप लगाया था। इसके बाद दिसंबर 2013 में नारायण साईं को भी गिरफ्तार किया गया था। वह सूरत जेल में बंद हैं।

– जोधपुर केस में कुल 5 आरोपी हैं। आसाराम के अलावा शिवा उर्फ सवाराम (आसाराम का प्रमुख सेवादार), प्रकाश द्विवेदी (आश्रम का रसोइया), शिल्पी उर्फ संचिता गुप्ता, शरदचंद्र उर्फ शरतचंद्र भी इस केस में आरोपी हैं।