गब्बर इज बैक’ रिव्यू: दमदार अक्षय का जानदार ‘अंदाज’

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अक्षय कुमार बॉलीवुड के उन अभिनेताओं में शुमार होते हैं जो हमेशा कुछ-ना-कुछ अलग अंदाज में करने के लिए जाने जाते है। उनपर बॉलीवुड के निर्माता-निर्देशक दांव लगाने में हिचकिचाते नहीं क्योंकि उनकी कम ही ऐसी फिल्में है जो बॉक्स ऑफिस पर नाकाम रही है। अक्षय ने अपने करियर में भ्रष्टाचार के खिलाफ आधारित ज्यादा फिल्में की है और उनकी यह फिल्में सुपर-डुपर हिट साबित हुई है। हॉलीडे और बेबी जैसी फिल्में ब्लॉकबस्टर रही है।

‘गब्बर इज बैक’ का निर्देशक किया है निर्देशक कृष ने जो इससे पहले साउथ में कई सुपर डुपर हिट फिल्मों का निर्माण कर चुके है। बॉलीवुड में यह उनकी पहली धमाकेदार एंट्री है। यह फिल्म करीब तेरह साल पहले बनी तमिल फिल्म रमाना का हिंदी रीमेक है। फिल्म पूरी तरह से दक्षिण के रंगों में रंगी हुई नजर आती है।

भ्रष्टाचार के इर्द-गिर्द घूमती यह फिल्म एक ऐसे इंसान की कहानी है, जो भ्रष्टाचार को हराने के लिए अपनी बनाई एक आर्मी तैयार करता है। अक्षय ने फिल्म के रिलीज से पहले ही कहा था कि इस फिल्म में गब्बर विलेन नहीं बल्कि हीरो है। फिल्म में गब्बर सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ता है और उसकी आर्मी के लोग बिना किसी स्वार्थ के उसका साथ देते है।

गब्बर इज बैक दक्षिण भारतीय फिल्मों की तरह है जिसमें लाउड ड्रामा, भारी-भरकम डायलॉग्स, तेज बैकग्राउंड म्यूजिक, ताबड़तोड़ फाइट सीन जैसे मसाले हैं। फिल्म भले ही बॉलीवुड की है लेकिन उसमें दक्षिण फिल्मों को हिट कराने वाले हर मसाले मौजूद है जो दर्शकों का मनोरंजन करते हैं।

भ्रष्टाचार और व्यवस्था से लड़ने वाला ‘गब्बर इज बैक’ की कहानी वैसे कोई नहीं है। फिल्म में मुख्य भूमिका में अक्षय कुमार की हैं जो कि भ्रष्टाचार से लड़ने वाले एक छात्रों के समूह का नेतृत्व करते हैं और भ्रष्ट अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों का पर्दाफाश करते हैं।

यह फिल्म एक आम आदमी की कहानी है, जिसे अक्षय कुमार ने निभाया है। समाज में व्याप्त जबरदस्त भ्रष्टाचार से गब्बर बने अक्षय अपने तरीके से निपटते हैं। घूस और अन्याय के खिलाफ खड़ा गब्बर माफी और दूसरे मौके जैसी बातों में यकीन नहीं करता। वो तुरंत उसी वक्त केस का फैसला कर देता है। सिस्टम की गंदगी और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ते हुए अचानक वो…। गब्बर को घूस, करप्शन जैसे शब्दों से सख्त परहेज है…इसलिए…।

गब्बर इज बैक में अक्षय ने हॉलीडे और बेबी जैसी फिल्मों की तरह दमदार भूमिका निभाई है। लेकिन फिल्म में बहुत ज्यादा नयापन नहीं है। फिल्म में पूरी तरह अक्षय छाए हुए है। श्रुति हासन का किरदार काफी कमजोर है जिसे लगता है कि ठीक तरीके से नहीं लिखा गया है। करीना कपूर बहुत कम समय के लिए पर्दे पर नजर आई है लेकिन उन्होंने अपना काम ठीक ढंग से निभाया है। फिल्म में चित्रांगदा आइटम नंबर में काफी हॉट लगी। फिल्म के गाने आओ राजा और तेरी मेरी कहानी पहले से ही हिट है। कुल मिलाकर यह फिल्म अक्षय के प्रशंसक देख सकते है। और हां जिन्हें एक्शंस सींस से लगाव है उन्हें भी यह फिल्म देखनी चाहिए।